7th Pay Commission: 3 फीसदी बढ़ा महंगाई भत्ता, केंद्रीय कर्मचारियों का DA 28% से बढ़कर 31%, कैबिनेट ने दी मंजूरी

7th pay commission latest news: केंद्रीय कर्मचारियों के दिवाली से ठीक पहले बड़ी खुशखबरी आई है. केंद्रीय कैबिनेट ने 3 फीसदी महंगाई भत्ते को बढ़ाने की मंजूरी दे दी है

Bagat



Follow Us :-  Website   

                      Facebook

                      Twitter

                     Instragram

    7th Pay Commission latest news: केंद्रीय कर्मचारियों (Central government employees) के लिए बड़ी खुशखबरी है. केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) 3 फीसदी बढ़ा दिया है. अब केंद्रीय कर्मचारियों को 31 फीसदी DA मिलेगा. केंद्रीय कैबिनेट ने इसको मंजूरी दे दी है. अब सैलरी में एक बार फिर इजाफा होगा. 1 करोड़ से ज्‍यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स (Pensioners) को इसका फायदा मिलेगा.

    31% मिलेगा Dearness allowance

    अगस्त 2021 में All India Consumer Price Index for Industrial Workers (AI CPI-IW) बढ़कर 123 पर पहुंच गया है. सितंबर के आंकड़े आने हैं. लेकिन, जून, जुलाई और अगस्त के आंकड़ों के आधार पर महंगाई भत्ते (DA Hike) में इजाफा किया गया है.

    कैबिनेट सचिव लेवल पर 7500 रुपए बढ़ेगी सैलरी


    JCM सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा के मुताबिक, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह बड़ी अच्छी खबर है. दिवाली से पहले उन्हें ये तोहफा काफी फायदे वाला रहेगा. जिन कर्मचारी की बेसिक सैलरी 30 हजार रुपए महीना है तो उसकी सैलरी में 900 रुपए महीने का इजाफा होगा. सालाना उन्हें 10,800 रुपए का फायदा होगा. कैबिनेट सचिव स्‍तर के अफसरों की सैलरी 7500 रुपए महीना बढ़ेगी. इस रैंक पर बेसिक सैलरी सबसे ज्‍यादा ढाई लाख रुपए महीना है. ऐसे में सालाना इन्हें 90 हजार रुपए का फायदा होगा.

    Dearness allowance का फॉर्मूला

    महंगाई भत्ते का फीसदी = पिछले 12 महीने का CPI का औसत-115.76. अब जितना आएगा उसे 115.76 से भाग दिया जाएगा. जो अंक आएगा, उसे 100 से गुणा कर दिया जाएगा.

    क्‍या होता है महंगाई भत्‍ता (DA)?

    महंगाई भत्ता (Dearness allowance) ऐसा पैसा है, जो सरकारी कर्मचारियों को उनके रहने-खाने के स्तर (Cost of Living) को बेहतर बनाने के लिए दिया जाता है. ये पैसा इसलिए दिया जाता है, ताकि महंगाई बढ़ने के बाद भी कर्मचारी के रहन-सहन के स्तर में कोई फर्क न पड़े. ये पैसा सरकारी कर्मचारियों, पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों और पेंशनधारकों को दिया जाता है. इसकी शुरुआत दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान हुई थी. उस वक्त सिपाहियों को खाने और दूसरी सुविधाओं के लिए तनख्वाह से अलग यह पैसा दिया जाता था. उस वक्त इसे खाद्य महंगाई भत्ता या डियरनेस फूड अलाउंस (Dearness food allowance) कहते थे. भारत में मुंबई से 1972 में सबसे पहले महंगाई भत्ते की शुरुआत हुई थी. इसके बाद केंद्र सरकार सभी सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दिया जाने लगा.

    हर 6 महीने में बदलता है DA

    डियरनेस अलाउंस (Dearness allowance) कर्मचारियों के रहने-खाने के स्तर को बेहतर बनाने के लिए दिया जाता है. यह भत्ता सरकारी कर्मचारियों, पेंशनधारकों और पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों को दिया जाता है. महंगाई भत्ता इसलिए दिया जाता है कि महंगाई बढ़ने के बाद भी कर्मचारियों को अपना जीवन-यापन करने में कोई परेशानी न हो. आमतौर पर हर 6 महीने, जनवरी और जुलाई में Dearness Allowance में बदलाव किया जाता है.

    अलग-अलग होता है DA

    महंगाई भत्ता (Dearness allowance) कर्मचारियों के वेतन के आधार पर दिया जाता है. शहरी, अर्ध शहरी और ग्रामीण इलाकों में नौकरी करने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता अलग-अलग होता है. डियरनेस अलाउंस की गणना मूल सैलरी पर होती है. महंगाई भत्ते की गणना के लिए एक फार्मूला तय किया गया है, जोकि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (consumer price index या CPI) से तय होता है.




    Comments

    Popular posts from this blog

    Parle-G का सचाई क्या हैं देखे। hindi

    जीवन कौशल क्या है , What Is Life Skills In Hindi english Who Developed Basic Life Skills Curriculum? - UNICEFWhat are life skills and why teach them? |